Suhani Raat Dhal Chuki Naushad Lyrics

Album Name Mohammed Rafi Sings Naushad
Artist Naushad
Track Name Suhani Raat Dhal Chuki
Music Naushad
Label Saregama
Release Year 1944
Duration 03:30
Release Date 1944-12-31

Suhani Raat Dhal Chuki Lyrics

सुहानी रात ढल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे

सुहानी रात ढल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे
जहां की रुत बदल चुकी

ना जाने तुम कब आओगे

नज़ारे अपनी मस्तियाँ

दिखा-दिखा के सो गये
सितारे अपनी रोशनी

लुटा-लुटा के सो गये
हर एक शम्मा जल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे
सुहानी रात ढल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे

तड़प रहे हैं हम यहाँ
तड़प रहे हैं हम यहाँ
तुम्हारे इंतज़ार में
तुम्हारे इंतज़ार में
खिजां का रंग, आ-चला है
मौसम-ए-बहार में
खिजां का रंग, आ-चला है
मौसम-ए-बहार में
मौसम-ए-बहार में
हवा भी रुख बदल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे
सुहानी रात ढल चुकी
ना जाने तुम कब आओगे

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