Reshmi Salwar Kurta Jali Ka I O. P. Nayyar Lyrics

Album Name Naya Daur (1957)
Artist O. P. Nayyar
Track Name Reshmi Salwar Kurta Jali Ka I
Music O. P. Nayyar
Label Saregama
Release Year 1957
Duration 05:00
Release Date 1957-12-31

Reshmi Salwar Kurta Jali Ka I Lyrics

रेशमी सलवार कुर्ता जाली का रूप सहा नहीं जाये नखरे वाली का होय- 2

जा रे पीछा छोड़ मुझ मतवाली का काहे ढूँढे रासता कोतवाली का -2

समीर

जब जब तुझको देखूँ मेरे दिल में छुटें फुलझड़ियाँ
करूँगा तेरा पीछ चाहे लग जायें हथकड़ियाँ

अरे करूँगा तेरा पीछ चाहे लग जायें हथकड़ियाँ

रूप सहा नहीं जाये नखरे वाली का
होय

जा रे पीछा छोड़ मुझ मतवाली का
काहे ढूँढे रासता कोतवाली का

समीर

मैं हूँ इज़्ज़त वाली मुझे समझ ना ऐसी वैसी
बड़े बड़ों की मैंने कर दी है ऐसी तैसी
बड़े बड़ों की मैंने कर दी है ऐसी तैसी
तू है किस थाली का
काहे ढूँढे रासता कोतवाली का

रेशमी सलवार कुड़ता जाली का
रूप सहा नहीं जाये नखरे वाली का
होय

समीर

रूप तेरे कालट का मेरे दिल को दे गया झटका
रंग भरे हाथों से ज़रा खोल दे पट घूँघट का

हाय रंग भरे हाथों से ज़रा खोल दे पट घूँघट का

दिल है दिलवाली का
रूप सहा नहीं जाये नखरे वाली का
होय

जा रे पीछा छोड़ मुझ मतवाली का
काहे ढूँढे रासता कोतवाली का
रेशमी सलवार कुड़ता जाली का
रूप सहा नहीं जाये नखरे वाली का
होय

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