Panchhi Banoon Udti Phiroon Shankar-Jaikishan Lyrics

Album Name Shree 420 And Chori Chori
Artist Shankar-Jaikishan
Track Name Panchhi Banoon Udti Phiroon
Music Shankar-Jaikishan
Label Saregama
Release Year 1955
Duration 04:52
Release Date 1955-12-31

Panchhi Banoon Udti Phiroon Lyrics

पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में
पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में

हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)

हो, मेरे जीवन में चमका सवेरा
हो, मिटा दिन से वो ग़म का अँधेरा
हो, हरे खेतों में गाए कोई लहरा
हो, यहाँ दिल पर किसी का ना पहरा

रंग बहारों ने भरा मेरे जीवन में
रंग बहारों ने भरा मेरे जीवन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में
पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में

हो, दिल ये चाहे बहारों से खेलूँ
हो, गोरी नदिया की धारों से खेलूँ
हो, चाँद, सूरज, सितारों से खेलूँ
हो, अपनी बाँहों में आकाश ले लूँ

बढ़ते चलूँ, गाते चलूँ अपनी लगन में
बढ़ते चलूँ, गाते चलूँ अपनी लगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में
पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में

हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)
हिलोरी (हिलोरी, हिलो-हिलो-हिलोरी)

हो, मैं तो ओढ़ूँगी बादल का आँचल
हो, मैं तो पहनूँगी बिजली की पायल
हो, छीन दूँगी घटाओं से काजल
हो, मेरा जीवन है नदिया की हलचल

दिल से मेरे लहर उठे ठंडी पवन में
दिल से मेरे लहर उठे ठंडी पवन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में

पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में
पंछी बनूँ, उड़ती फिरूँ मस्त गगन में
आज मैं आज़ाद हूँ दुनियाँ के चमन में

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