Jane Na Nazar Pehchane Jigar With Dialogue Shankar-Jaikishan Lyrics

Album Name Aah
Artist Shankar-Jaikishan
Track Name Jane Na Nazar Pehchane Jigar With Dialogue
Music Shankar-Jaikishan
Label Saregama
Release Year 1953
Duration 03:58
Release Date 1953-03-22

Jane Na Nazar Pehchane Jigar With Dialogue Lyrics

जाने ना नज़र, पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया
जाने ना नज़र, पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया

आवाज़ ये किसकी आती है?
जो छेड़ के दिल को जाती है
आवाज़ ये किसकी आती है?
जो छेड़ के दिल को जाती है
मैं सुन के जिसे शरमा जाऊँ
है कौन जो दिल में समाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया
जाने ना नज़र, पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया?
मुझे रोज़-रोज़ तड़पाया
मुझे रोज़-रोज़ तड़पाया

ढूँढेंगे उसे हम तारों में
सावन की ठंडी बहारों में
ढूँढेंगे उसे हम तारों में
सावन की ठंडी बहारों में
पर हम भी किसी से कम तो नहीं
क्यूँ रूप को अपने छुपाया?
मुझे रोज़-रोज़ तड़पाया
मुझे रोज़-रोज़ तड़पाया
जाने ना नज़र, पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया

बिन देखे जिसको प्यार करूँ
गर देखूँ उसको जान भी दूँ
बिन देखे जिसको प्यार करूँ
गर देखूँ उसको जान भी दूँ
एक बार कहो, ओ जादूगर
ये कौन सा खेल रचाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया
जाने ना नज़र, पहचाने जिगर
ये कौन जो दिल पर छाया?
मेरा अंग-अंग मुस्काया
मेरा अंग-अंग मुस्काया

Related Posts