Chand Phir Nikla (From amp039amp039Paying Guestamp039amp039) Various Artists Lyrics

Album Name Classic Bollywood Scores, Vol. 68 Parakh (1960), Patang 1960, Patita 1953, Paying Guest 1957
Artist Various Artists
Track Name Chand Phir Nikla (From amp039amp039Paying Guestamp039amp039)
Label Golden century Music
Release Year 1953
Duration 03:46
Release Date 1953-01-01

Chand Phir Nikla (From amp039amp039Paying Guestamp039amp039) Lyrics

चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये
जला फ़िर मेरा दिल करूँ क्या मैं? हाए
चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये
जला फ़िर मेरा दिल करूँ क्या मैं? हाए
चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये

ये रात कहती है, “वो दिन गए तेरे”
ये जानता है दिल के तुम नहीं मेरे
ये रात कहती है, “वो दिन गए तेरे”
ये जानता है दिल के तुम नहीं मेरे

खड़ी मैं हूँ फ़िर भी निगाहें बिछाये
मैं क्या करूँ हाए के तुम याद आये?
चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये
जला फ़िर मेरा दिल करूँ क्या मैं? हाए
चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये

सुलगते सीने से धुआँ सा उठता है
लो अब चले आओ के दम घुटता हैं
सुलगते सीने से धुआँ सा उठता है
लो अब चले आओ के दम घुटता हैं

जला गए तन को बहारों के साये
मैं क्या करूँ हाए के तुम याद आये?
चाँद फ़िर निकला, मगर तुम ना आये
जला फ़िर मेरा दिल करूँ क्या मैं? हाए
चाँद फ़िर निकला…

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