Ae Malik Tere Bande Hum Vasant Desai Lyrics

Album Name Do Ankhen Barah Haath
Artist Vasant Desai
Track Name Ae Malik Tere Bande Hum
Music Vasant Desai
Label Saregama
Release Year 1957
Duration 03:14
Release Date 1957-12-31

Ae Malik Tere Bande Hum Lyrics

ऐ, मालिक, तेरे बंदे हम
ऐसे हों हमारे करम
नीति पर चलें और बदी से टलें
ताकि हँसते हुए निकले दम
ऐ, मालिक, तेरे बंदे हम

ये अँधेरा घना छा रहा
तेरा इंसान घबरा रहा
हो रहा बेख़बर, कुछ ना आता नज़र
सुख का सूरज छुपा जा रहा

है तेरी रोशनी में जो दम
तू अमावस को कर दे पूनम
नीति पर चलें और बदी से टलें
ताकि हँसते हुए निकले दम
ऐ, मालिक, तेरे बंदे हम

जब ज़ुल्मों का हो सामना
तब तू ही हमें थामना
वो बुराई करें, हम भलाई भरें
नहीं बदले की हो कामना

बढ़ उठे प्यार का हर क़दम
और मिटे बैर का ये भरम
नीति पर चलें और बदी से टलें
ताकि हँसते हुए निगले दम
ऐ, मालिक, तेरे बंदे हम

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